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Uttrakhand: समीक्षा अधिकारी परीक्षा का चयन परिणाम हुआ निरस्त, 28 मार्च को जारी हुआ था 136 चयनित अभ्यर्थियों का परिणाम

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Uttrakhand: समीक्षा अधिकारी परीक्षा का चयन परिणाम निरस्त उत्तराखंड लोक सेवा आयोग द्वारा गत 28 मार्च को जारी समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी परीक्षा-2023 का अंतिम चयन परिणाम निरस्त कर दिया गया है। परिणाम में तकनीकी त्रुटि सामने आने के बाद आयोग ने करीब 136 पदों पर चयनित अभ्यर्थियों का परिणाम निरस्त करने का निर्णय लिया। बुधवार को इस संबंध में आयोग के सचिव गिरधारी सिंह रावत की ओर से अधिकृत वेबसाइट पर विज्ञप्ति जारी की गई। पूरी खबर देखें इस वीडियो पर आयोग ने समीक्षा अधिकारी और सहायक समीक्षा अधिकारी के 68-68 पदों पर चयन परिणाम जारी किया था। इन पदों को गतवर्ष 26-27 अक्टूबर को मुख्य परीक्षा व इसी वर्ष 24 फरवरी से छह मार्च तक कंप्यूटर के आधारभूत ज्ञान की प्रायोगिक परीक्षा, कंप्यूटर पर हिंदी व अंग्रेजी टाइपिंग परीक्षा ली थी। साथ ही अभ्यर्थियों की ओर से पदों के लिए प्रस्तुत की गई वरीयता के आधार पर श्रेष्ठता क्रम में अभ्यर्थियों का चयन पदवार तथा विभागवार जारी किया था। सचिव ने बताया कि चयन परिणाम में तकनीकी त्रुटि सामने आई है। इसे गंभीरता से लेते हुए परिणाम निरस्त कर दिया है। संशोधित चयन परिण...

Music therapy: बदलती जीवनशैली में तमाम तरह के दबाव झेल रहे स्कूली बच्चों के लिए कितनी कारगर है म्यूजिक थैरेपी?

Music therapy: हमारी बदलती जीवनशैली का असर बड़े लोगों पर ही नहीं, नन्‍हें बच्‍चों पर भी पड़ रहा है. स्‍कूल की पढ़ाई, घर का बिगड़ता माहौल और तमाम तरह के दबाव आदि की वजह से बच्‍चे कम उम्र में ही स्‍ट्रेस के शिकार हो रहे हैं और इसका फल उनकी आक्रामकता का रूप ले रहा है. इस माहौल और स्‍ट्रेस की वजह से कुछ बच्‍चे दब्‍बू बन जाते हैं, तो कुछ बच्‍चे आक्रामक और गुस्‍सैल स्वभाव के हो जाते हैं. ऐसे में उन्‍हें शांत करने और रिलैक्‍स रखने के लिए संगीत को माध्‍यम बनाया जा सकता है.
संगीत को केवल ध्वनि से परिभाषित नहीं किया जा सकता। बच्चों को अपने स्कूल में संगीत सीखने के लिए अवश्य प्रोत्साहित करें। क्योंकि इसके बड़े फायदे हैं। संगीत के लिए दृढ़ संकल्प और निरंतर अभ्यास की आवश्यकता होती है, जो छात्रों को अनुशासित बनाता है। संगीत एक छात्र की एकाग्रता और सीखने के कौशल में भी मदद करता है। बच्चे संगीत की मदद से अद्भुत दिमागी तकनीक विकसित करते हैं और वे पढ़ाई के दौरान भी इन तकनीकों का उपयोग कर सकते हैं।
    संगीत हमारी सभी भावनाओं को व्‍यक्‍त करने का एक जरिया है और ये बच्‍चों के मेंटल डेवलपमेंट में मल्‍टीमॉडल अप्रोच की तरह मदद कर सकता है. यह एक क्‍वालिटी लर्निंग प्रोसेस की तरह काम करता है जो बच्‍चों को आनंद का अनुभव भी कराता है. इस तरह सकून और आनंद, बच्‍चों को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने में मदद कर सकता है. तो आइए जानते हैं कि संगीत थेरेपी बच्‍चों के लिए कितना फायदेमंद होता है.
बच्‍चों के लिए क्या हैं म्यूजिक थेरेपी के फायदे
स्ट्रेस का स्थाई समाधान
बच्‍चे जब संगीत सुनते हैं या गाना गाते हैं तो उन्‍हें स्‍ट्रेस और चिंता से राहत मिलती है. वे अंदर ही अंदर आनंद महसूस करते हैं जिससे तनाव से मन पर पड़े घाव को हील होने में काफी फायदा मिल जाता है. इसलिए बच्‍चों को संगीत सुनने और संगीत सीखने के लिए जरूर प्रेरित करना जरूरी है.
सीखते हैं इमोशन एक्‍सप्रेस करना
छोटे बच्‍चे अपनी भावनाओं को अच्‍छी तरह से व्‍यक्‍त नहीं कर पाते, लेकिन जब वे संगीत सीखते हैं या संगीत के माहौल में होते हैं तो उनमें भावनाओं को समझने और उन्हें सही ढंग से प्रकट करने में मदद मिलती है. इस तरह वह अपने इमोशन को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं और इमोशन को कंट्रोल करना या डील करना सीखते हैं।
बढ़ता है संवाद कौशल
म्‍यूजिक थेरेपी की मदद से बच्चों के संवाद कौशल में भी काफी सुधार आने लगता है. वे अधिक संवेदनशील बनते है और अपनी फीलिंग्‍स परिवार के साथ साझा करना या कुछ बातों पर समझौते करना सीखते हैं.
डेवलप होता है मोटर स्किल
संगीत सीखने से बच्‍चों में मोटर स्किल का विकास होता है और वे मानसिक रूप से मजबूत बनने के साथ साथ शारीरिक रूप से भी मजबूत बनते हैं.
बनते हैं धैर्यवान
बच्‍चों के लिए म्‍यूजिक थेरेपी कई तरह से फायदेमंद है. संगीत की वजह से वे धैर्यवान बनते हैं और लगातार खुद में सुधार लाने की कोशिश करते हैं. यह गुण बच्‍चों के लिए बहुत ही जरूरी होता है. इसलिए बच्‍चों को संगीत सीखने के लिए जरूर प्रेरित करना चाहिए.


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